Always try to be a lamp in someone’s life…

जल रहे हैं दीप देखो बुझने न पाएं कभी,

दीप हौं जिन हाथों में वो झुकने न पाएं कभी।

 

जल रहे हैं दीप देखो बुझने न पाएं कभी।

 

हो अँधेरा कर दो रोशन,

कर दो अपने नूर से,

भूला भटका हो कोई तो वो भी देखे दूर से ;

पाँव में ठोकर किसी के लगने न पाए कभी ,

दीप हों जिन हाथ में वो झुकने न पाएं कभी।

 

जल रहे हैं दीप देखो बुझने न पाएं कभी।

 

 

जिंदगी मेरी शमा बन कर यूँ ही जलती रहे ,

मैं भले गल जाऊं सबको रौशनी मिलती रहे ;

प्रेम की ये ज्योति पावन बुझने न पाएं कभी ,

दीप हौं जिन हाथों में वो झुकने न पाएं कभी।

 

जल रहे हैं दीप देखो बुझने न पाएं कभी।

 

जल रहे हैं दीप देखो बुझने न पाएं कभी ;

दीप हौं जिन हाथों में वो झुकने न पाएं कभी।

स्वर्गीय श्री मति शारदा वार्ष्णेय

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