“आम तौर पर लोग , जैसी चीज़ें हैं ,
उसी के आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं।
हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना में बदलने की जरुरत है। ”
-भगत सिंह-
“आम तौर पर लोग , जैसी चीज़ें हैं ,
उसी के आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं।
हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना में बदलने की जरुरत है। ”
-भगत सिंह-