The best thing about Time that it always changes… “गुज़र जायेगा ये दौर भी ‘ग़ालिब’ जरा इत्मीनान तो रख जब ‘ख़ुशी’ ही न ठहरी तो ‘ग़म’ की क्या औकात है…. ” -मिर्ज़ा ग़ालिब