“किसी उद्देश्य के लिए खड़े हो तो एक पेड़ की तरह, गिरो तो बीज की तरह ताकि दोबारा उग कर उसी उद्देश्य के लिए जंग कर सको।”
-स्वामी विवेकानंद-
“किसी उद्देश्य के लिए खड़े हो तो एक पेड़ की तरह, गिरो तो बीज की तरह ताकि दोबारा उग कर उसी उद्देश्य के लिए जंग कर सको।”
-स्वामी विवेकानंद-